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brijv
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« on: February 23, 2010, 03:38:22 AM » |
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कांजी बड़ा बहुत स्वादिष्ट पेय है, यह पेय पाचन में भी सहायक है. त्योहारों पर मिठाइयां खा कर अगर एसा महसूस हो कि अब कुछ खाने को मन नहीं कर रहा और उस समय कांजी पीने को मिल जाय तो कांजी का स्वाद तो अच्छा लगता है, थोड़ी देर बाद कुछ और खाने की इच्छा भी होने लगती है. वैसे तो कांजी कभी भी बनाई जा सकती है, लेकिन त्योहारों पर कांजी बनायें तो बहुत अच्छा लगेगा. आइये शुरू करे कांजी बड़ा बनाना.
आवश्यक सामग्री
पानी - 2 लीटर (10 गिलास) हींग - 2 पिंच (यदि आप चाहें तो) हल्दी पाउडर- 1 छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर - एक चौथाई छोटी चम्मच पीली सरसों - एक टेबिल स्पून सादा नमक - 1 छोटी चम्मच काला नमक - 1 छोटी चम्मच सरसों का तेल - 1 टेबिल स्पून बड़े के लिये
मूंग की दाल 100 ग्राम (एक छोटी कटोरी) नमक स्वादानुसार तेल तलने के लिये
कांजी बनाने के लिये पानी को किसी बर्तन में डालकर उबाल आने तक गरम कर लीजिये.
पानी को ठंडा कीजिये, कांच या प्लास्टिक के कन्टेनर में डालिये, पानी में हींग, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर,पीली सरसों,सरसों का तेल ओर दोंनो नमक डाल कर मिला दीजिये. कन्टेनर का ढक्कन बन्द करके 3 दिन तक के लिये रख दीजिये, रोजाना 1 बार सूखे और साफ चमचे से चलाना मत भूलिये.
चौथे दिन आप पानी को टेस्ट करिये, पानी का स्वाद खट्टा और बड़ा ही स्वादिष्ट हो गया है, यानी आपकी कांजी तैयार हो गई है. अब हमको बड़े बनाने हैं.
बड़े बनाने के लिये दाल को साफ करके, धोइये और 2 घंटे पानी में भिगो दीजिये.
दाल को पानी से निकालिये और पीस लीजिये. पिसी हुई दाल को किसी प्याले में निकालिये, ओर नमक मिलाकर फैट लीजिये.
कढ़ाई में तेल डाल कर गरम कीजिये, और हाथ से छोटी छोटी बड़ीयां जैसी तेल में बनाकर डालिये, 8-10 बड़ियां एक साथ कढ़ाई में डाल दीजिये. ये बडियां तेल में फूलकर गोल हो जाती हैं, इन्हैं पलट पलट कर हल्का ब्राउन होने तक तल कर किसी प्लेट में निकाल कर रख लीजिये. सारी बड़ियां तल कर तैयार कर लीजिये.
बड़ियों को गुनगुने पानी में पन्द्रह मिनट के लिये भिगो दीजीये. पन्द्रह मिनट बाद इन्हें पानी ने निकाल कर अतिरिक्त पानी निकाल दीजिये.
एक गिलास में चार पांच बड़े डाल कर कांजी भर दीजिये, परोसिये और पीजिये.
अगर आप बड़े नहीं बना सके है, तो कोई बात नहीं कांजी के गिलास में रायते वाली बूंदी डाल कर पी सकते है.
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